बेवजह दिलपर न कोई बोझ भारी रखिए
ज़िंदगी ज़ंग है, बस ज़ंग ज़ारी रखिए
इश्क की राहों पर आएंगे कई गुलशन यूँ तो
आप फूलों संग काँटों से भी यारी रखिए
सुराखों से झांकने वाले झांककर ही मानेगें
क्या चिलमन गिराएँ क्या पर्दादारी रखिए
जितना अज़ीज़ उतना गालियों से नवाज़ा
दोस्ती में कुछ अदब कुछ रवादारी रखिए
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